मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना टेस्ट के लिए टेस्टिंग कैपिसिटी बढ़ाएं, जिससे कोरोना की तुरंत जाँच हो सके। इंदौर सहित सभी जिलों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकतानुसार खाद्यान्न एवं भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। अन्य प्रदेशों में फँसे प्रदेश के कामगारों एवं विद्यार्थियों की भी पूरी मदद की जाए, जिससे वे जहाँ है, वहीं आराम से रह सकें। मौजूदा कोरोना संकट के मद्देनजर गेहूँ उपार्जन फिलहाल स्थगित रखा जाए। हालात में सुधार होते ही इसे तुरंत प्रारंभ किया जाएगा। श्री चौहान आज मंत्रालय में कोरोना संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे।
स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पीपीई किट्स
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी को पीपीई किट्स अविलंब मिलना चाहिए। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि आज 2000 किट्स प्राप्त हुए हैं तथा शीघ्र ही 5 हजार पीपीई किट्स प्रतिदिन प्राप्त होने लगेंगे। स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा कोरोना संकट में कार्य कर रहे पुलिसकर्मियों, राजस्वकर्मियों आदि को भी पीपीई किट्स दिलवाए जाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने बताया कि आगामी 9 अप्रैल तक हमारी कोरोना वायरस टेस्टिंग क्षमता एक हजार हो जाएगी। वर्तमान में यह क्षमता 480 तक पहुँच गई है। मुख्य सचिव ने बताया कि वायरस की 'मास टेस्टिंग' की व्यवस्थाओं के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।